मस्त जिन्दगी | Awadhi Kabita | Ajay Pandey


बाप दादा किहिन कमाई
बेटवा धैकय ओहिका उडाइ
जमिन्दारकय बेटवा होइ
बिना बियर निंद नआई
मस्त जिन्दगी
ओतना सारा खेत पडा
वोका बैठकै बेचा जाई
हरेक महिना मोटरसैकिल बदलाई
पिछे सुन्नर लड्की बैठाई
मौज खुब उडावाजाई
मस्त जिन्दगी
जे का मन करी गरिअवाजाई
पिछे लैकय ५ लाफंडर
चौराहा पे घुमाजाई
लफडा होइ काउनो तो
काम आइहाँय दादामाई
मस्त जिन्दगी
कहेका प्रजातन्त्र औ गडतन्त्र
सब नेता आपय चाचा अव भाई
दादा बाबा राज किहिन
हमका के रोकपाई
चाहे जौने पार्टी कय सरकार बनय
सबमे अपान राज चलाई
मस्त जिन्दगी
इन्स्पेक्टर ससुर सलाम लगावायं
हम कहे केहुसे डराई
सब अपने आगे हाथ फैलावायं
कवनेकय हिम्मत कि अन्गुरी देखाई
जीवन आइसय चलि हमेशा
हमका कौन रोक पाई
मस्त जिन्दगी


बजेट आपन सत्ता आपन
मिल बटिकय खावाजाई
गरिब दुखी कवाने चिदियाकय नाव होय
लूटा गहय लूटाजाई
केहू ससुर जो बोलिहयं
तो होइ ओनका खुब धुलाई
मस्त जिन्दगी
-अजय पाण्डेय

Comments

Popular posts from this blog

Educational Material Distribution to students | Ajay Pandey

On the Path of Love | Ajay Pandey